Monday, 5 March 2012

एक और विभाजन की तरफ हिन्दुस्थान !

खान्ग्रेस की तुष्टीकरण और हिन्दू विरोधी नीतिओं के कारण राष्ट्र एक और विभाजन के कगार पर खड़ा है।  मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति के कारण सारे दलों ने राष्ट्र हित को तक पर रख दिया है। गाहे बगाहे खान्ग्रेसी नेताओं द्वारा मुस्लिम आरक्षण का राग अलापना देश की विभाजनकारी प्रवत्ति को खुला निमंत्रण दे रहा है। ठीक इसी प्रकार १९४७ में भी नेहरु और गंधासुर के मुस्लिम प्रेम और मुस्लिम तुष्टीकरण  की नीति ने देश के दो टुकड़े किये थे । जिसका खामियाजा राष्ट्र आज तक भुगता रहा है । नेहरु की पदलोलुपता और गंधासुर के मुस्लिम प्रेम ने राष्ट्र कभी न ख़त्म हो सकने वाले नरक की तरफ धकेल दिया।
हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं की देश के संसाधनों पर पहला हक़ मुस्लिमों का है, लेकिन वो २ करोड़ बांग्लादेशी घुसपैटियो के मुद्दे पर आज तक खामोस है। असाम में बांग्लादेशी घुसपैटियो के कारण वहां के मूल निवासी आज दोयम दर्जे का जीवन जीने पर मजबूर हैं । उन्हें अपनी बारात या शवयात्रा निकालने के लिए वहां के मौलवी से अनुमति लेनी पड़ती है , और किसी मस्जिद के समीप से बारात निकालने पर गाने-बाजे बंद करने पड़ते हैं ।
बिहार के पूर्णिया,अररिया और किसनगंज जिलों में मुस्लिम आबादी ७० फीसदी तक हो चुकी है । पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी ४० फीसदी तक हो चुकी है । एक सुनियोजित तरीके से मुस्लिम बस्तियों का  निर्माण किया जा रहा है । जो कि दारूल इस्लाम की योजनानुसार मुगलिस्तान २०२५ का हिस्सा  है।
स्वतंत्रता के समय भारत के दोनों तरफ पाकिस्तान बनाना भी इसी रणनीति का हिस्सा था ताकि दोनों तरफ से हिन्दुस्थान पर हमले होते रहें और हमें कुतरते रहें। 

जय हिन्दू राष्ट्र
जय श्री राम कृष्ण परशुराम ॐ 

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