Lovy Bhardwaj
ये बात अपने आप में ही एक रहस्य लेकर सिमटी रह गयी या फिर तथ्य छुपा दिए गए.....
क्योंकि ये तो वो देश है जो जिसमे कुछ देशद्रोही मिल कर हराम खोर को भी हे-राम बना कर अपनी राजनीति करते हैं ...
गांधी वध के असली तथ्य सदा छिपाए गए.....
किसी को भी मरने के 2 मूल कारण होते हैं ...
1. किसी व्यक्ति ने अतीत में कुछ ऐसा किया हो जो आपको पसंद नहीं
2. और कोई व्यक्ति भविष्य में कुछ ऐसा करने वाला हो जो आपको पसंद नहीं
इन दोनों कारणों के इर्द गिर्द Options अनेक हो सकते हैं ....
ऐसा ही एक कारण गंधासुर वध के साथ ... भविष्य का जुड़ा हुआ था
गंधासुर वध 30 जनवरी को किया गया था....
फरवरी के पहले सप्ताह में गंधासुर Porkistan जा रहा था...
3 फरवरी को ....
जिन्ना .... was a first Generation Muslim
एक भाटिया राजपूत था काठियावाड़ क्षेत्र का...
जिसके बाप का नाम था पुन्ना लाल ठक्कर
जिन्ना ने गंधासुर को आमंत्रित किया हुआ था Porkistan की यात्रा के लिए ... उसके पीछे एक षड्यंत्र था...
जिन्ना ने मांग रखी थी एक ...
की हमको इस Porkistan से उस Porkistan जाने में समुद्री रस्ते से बहुत समय लगता है और हवाई सफर बहुत महँगा होता है ...
इसलिए हमको भारत के बीचो बीच एक Corridoor बना कर दिया जाए....
जो लाहोर से ढाका तक जाता हो ... (NH - 1)
जो दिल्ली के पास से जाता हो ...
जिसकी चौड़ाई कम से कम 10 मील की हो ... (10 Miles = 16 KM)
यह निश्चित था की यदि गंधासुर Porkistan पहुँच जाता तो यह मांग भी मान ली जाती .....
उपरोक्त पैशाचिक कारणों के चलते .. हुतात्मा गोडसे को दुरात्मा गंधासुर का वध करने के लिए प्रेरित होना पडा....
कोटि कोटि प्रणाम है ऐसे शूरवीर को .....
55 करोड़ के अलावा और भी बहुत कुछ देना चाहता था गंधासुर Porkistan को .....
जैसे की ... टेंकों का बंटवारा...
हवाई जहाज़ों का बंटवारा ...
युद्ध विमानों का बंटवारा ...
कराची Porkistan का व्यावसायिक केंद्र था...
और Bombay ... भारत का....
Bombay की valuation कराची से ज्यादा थी ...
तो इस अंतर को भी बराबर करने की उसकी मंशा थी ..
ॐ जय जय श्री राम कृष्ण परशुराम .....
क्योंकि ये तो वो देश है जो जिसमे कुछ देशद्रोही मिल कर हराम खोर को भी हे-राम बना कर अपनी राजनीति करते हैं ...
गांधी वध के असली तथ्य सदा छिपाए गए.....
किसी को भी मरने के 2 मूल कारण होते हैं ...
1. किसी व्यक्ति ने अतीत में कुछ ऐसा किया हो जो आपको पसंद नहीं
2. और कोई व्यक्ति भविष्य में कुछ ऐसा करने वाला हो जो आपको पसंद नहीं
इन दोनों कारणों के इर्द गिर्द Options अनेक हो सकते हैं ....
ऐसा ही एक कारण गंधासुर वध के साथ ... भविष्य का जुड़ा हुआ था
गंधासुर वध 30 जनवरी को किया गया था....
फरवरी के पहले सप्ताह में गंधासुर Porkistan जा रहा था...
3 फरवरी को ....
जिन्ना .... was a first Generation Muslim
एक भाटिया राजपूत था काठियावाड़ क्षेत्र का...
जिसके बाप का नाम था पुन्ना लाल ठक्कर
जिन्ना ने गंधासुर को आमंत्रित किया हुआ था Porkistan की यात्रा के लिए ... उसके पीछे एक षड्यंत्र था...
जिन्ना ने मांग रखी थी एक ...
की हमको इस Porkistan से उस Porkistan जाने में समुद्री रस्ते से बहुत समय लगता है और हवाई सफर बहुत महँगा होता है ...
इसलिए हमको भारत के बीचो बीच एक Corridoor बना कर दिया जाए....
जो लाहोर से ढाका तक जाता हो ... (NH - 1)
जो दिल्ली के पास से जाता हो ...
जिसकी चौड़ाई कम से कम 10 मील की हो ... (10 Miles = 16 KM)
यह निश्चित था की यदि गंधासुर Porkistan पहुँच जाता तो यह मांग भी मान ली जाती .....
उपरोक्त पैशाचिक कारणों के चलते .. हुतात्मा गोडसे को दुरात्मा गंधासुर का वध करने के लिए प्रेरित होना पडा....
कोटि कोटि प्रणाम है ऐसे शूरवीर को .....
55 करोड़ के अलावा और भी बहुत कुछ देना चाहता था गंधासुर Porkistan को .....
जैसे की ... टेंकों का बंटवारा...
हवाई जहाज़ों का बंटवारा ...
युद्ध विमानों का बंटवारा ...
कराची Porkistan का व्यावसायिक केंद्र था...
और Bombay ... भारत का....
Bombay की valuation कराची से ज्यादा थी ...
तो इस अंतर को भी बराबर करने की उसकी मंशा थी ..
ॐ जय जय श्री राम कृष्ण परशुराम .....
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